
दरभंगा, 31 दिसंबर 2025: दरभंगा जिले के 152वें स्थापना दिवस के अवसर पर दरभंगा ऑडिटोरियम, लहेरियासराय में जिला प्रशासन द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार के मंत्री श्री मदन सहनी, माननीय नगर विधायक-सह-प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी श्री संजय सरावगी, राज्यसभा सांसद श्रीमती धर्मशिला गुप्ता एवं जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने सभी उपस्थित माननीयों का पाग, चादर और पौधा देकर सम्मान किया। वहीं, उप विकास आयुक्त श्री स्वप्निल ने जिलाधिकारी को पुष्पगुच्छ और सम्मान प्रदान किया। कार्यक्रम में दरभंगा जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विकास योजनाओं का समेकित प्रतिवेदन प्रस्तुत स्मारिका का लोकार्पण भी किया गया।
जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि 1 जनवरी 1875 को दरभंगा जिला अस्तित्व में आया और वर्ष 1972 में समस्तीपुर एवं मधुबनी को अलग जिला बनाया गया। उन्होंने दरभंगा की सांस्कृतिक विरासत, मैथिली भाषा, मिथिला पेंटिंग और यहां के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों जैसे कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय और मौलाना आजाद नेशनल उर्दू विश्वविद्यालय का उल्लेख किया।
मंत्री श्री मदन सहनी ने जिले के विकास में जनता और विभूतियों के योगदान की सराहना की। राज्यसभा सांसद श्रीमती धर्मशिला गुप्ता ने दरभंगा जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक विरासत को उजागर करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डाला। विधायक श्री संजय सरावगी और केवटी विधायक श्री मुरारी मोहन झा ने जिले में चल रहे प्रमुख विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को मोटर चालित ट्राई साइकिल और कंबल प्रदान किए गए। साथ ही रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें दर्शकों ने उत्साहपूर्ण तालियों से कलाकारों का स्वागत किया। खेल-कूद प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
दरभंगा जिला प्रशासन ने इस अवसर पर जनता दरबार और विकास कार्यों की पारदर्शिता को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कलाकारों ने मिलकर जिले की प्रगति और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्धता जताई।





















